मेडिकल रिव्यू: डॉ. अर्चना बत्रा (सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर एवं डाइटिशियन)
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, असंतुलित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण हाई यूरिक एसिड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले इसे केवल बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है। शुरुआत में यह समस्या सामान्य लग सकती है, लेकिन यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह गाउट (गठिया), जोड़ों में सूजन, किडनी स्टोन और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर यह रक्त में जमा होने लगता है और बाद में छोटे-छोटे क्रिस्टलों का रूप ले लेता है। ये क्रिस्टल मुख्य रूप से जोड़ों में जमा होते हैं और असहनीय दर्द, सूजन तथा अकड़न पैदा करते हैं। अच्छी बात यह है कि सही आहार और जीवनशैली अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
क्या है यूरिक एसिड?
यूरिक एसिड एक प्राकृतिक अपशिष्ट पदार्थ है, जो शरीर में प्यूरीन नामक तत्व के टूटने पर बनता है। प्यूरीन हमारे शरीर में स्वाभाविक रूप से मौजूद होता है और कई खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है। सामान्य परिस्थितियों में किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर करके मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल देती है। समस्या तब शुरू होती है जब शरीर में यूरिक एसिड का उत्पादन अधिक होने लगे या किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर न निकाल पाए। ऐसी स्थिति को चिकित्सकीय भाषा में “हाइपरयूरिसीमिया” कहा जाता है।
सामान्यतः पुरुषों में यूरिक एसिड का स्तर 3.4 से 7.0 mg/dL तथा महिलाओं में 2.4 से 6.0 mg/dL के बीच माना जाता है। इससे अधिक स्तर लंबे समय तक बना रहे तो गाउट और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।
जोड़ों में कैसे बनते हैं दर्दनाक क्रिस्टल?
जब रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा लगातार बढ़ी रहती है, तो यह सूक्ष्म क्रिस्टलों के रूप में जमा होने लगता है। ये क्रिस्टल अक्सर पैर के अंगूठे, टखनों, घुटनों और हाथों के जोड़ों में जमा होते हैं। परिणामस्वरूप अचानक तेज दर्द, लालिमा, सूजन और चलने-फिरने में कठिनाई जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। गाउट का दर्द इतना तीव्र हो सकता है कि रोगी को हल्की चादर का स्पर्श भी असहनीय लगने लगता है। इसलिए हाई यूरिक एसिड को केवल एक लैब रिपोर्ट का आंकड़ा समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
किन खाद्य पदार्थों से बढ़ता है यूरिक एसिड?
1. रेड मीट और ऑर्गन मीट
लाल मांस तथा जानवरों के अंग जैसे लिवर, किडनी और अन्य ऑर्गन मीट में प्यूरीन की मात्रा अत्यधिक होती है। इनका नियमित सेवन शरीर में यूरिक एसिड के उत्पादन को बढ़ा सकता है।
यदि परिवार में गाउट का इतिहास हो या पहले से यूरिक एसिड बढ़ा हुआ हो, तो ऐसे खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है। कई लोगों में इनका सेवन कम करने से जोड़ों के दर्द और सूजन में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
2. सीफूड और कुछ प्रकार की मछलियां
मछली को सामान्यतः स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है, लेकिन सभी प्रकार की मछलियां यूरिक एसिड रोगियों के लिए उपयुक्त नहीं होतीं। सार्डिन, एंकोवी, झींगा, केकड़ा और अन्य शेलफिश में प्यूरीन का स्तर काफी अधिक होता है।
इस कारण हाई यूरिक एसिड या गाउट से पीड़ित लोगों को इनके सेवन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कई बार थोड़ी मात्रा भी समस्या को बढ़ा सकती है।
3. शराब, विशेषकर बीयर
अल्कोहल शरीर में यूरिक एसिड के संतुलन को प्रभावित करती है। बीयर को विशेष रूप से जोखिमपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसमें मौजूद यीस्ट भी प्यूरीन का स्रोत होता है।
शराब किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है, जिससे यूरिक एसिड का निष्कासन कम हो जाता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ गाउट और हाई यूरिक एसिड वाले लोगों को शराब से परहेज करने की सलाह देते हैं।
4. सोडा, पैकेटबंद जूस और मीठे पेय
आजकल बाजार में मिलने वाले सॉफ्ट ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स और पैकेटबंद जूस में अक्सर हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप या अत्यधिक मात्रा में चीनी मिलाई जाती है। फ्रुक्टोज शरीर में यूरिक एसिड बनने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है।
इसके बजाय ताजे फलों का सीमित मात्रा में सेवन और पर्याप्त पानी पीना बेहतर विकल्प माना जाता है।
5. रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट
सफेद ब्रेड, बिस्किट, केक, पेस्ट्री, मैदे से बने स्नैक्स और अन्य प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ सीधे प्यूरीन नहीं बढ़ाते, लेकिन ये इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ावा दे सकते हैं।
जब इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है, तो शरीर यूरिक एसिड को प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकाल पाता। इसलिए साबुत अनाज, ज्वार, बाजरा, ओट्स और ब्राउन राइस जैसे विकल्प अधिक लाभकारी माने जाते हैं।
6. तला-भुना और अधिक वसा युक्त भोजन
फास्ट फूड, डीप-फ्राइड स्नैक्स और सैचुरेटेड फैट से भरपूर आहार शरीर में सूजन बढ़ाने का काम करते हैं। ये किडनी की कार्यक्षमता पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
भोजन को तलने के बजाय उबालना, स्टीम करना या हल्का भूनना बेहतर विकल्प है। साथ ही स्वस्थ वसा जैसे नट्स, बीज और जैतून के तेल का सीमित उपयोग लाभकारी हो सकता है।
यूरिक एसिड को नियंत्रण में रखने के आसान उपाय
हाई यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए केवल दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। कुछ सरल जीवनशैली बदलाव लंबे समय तक लाभ पहुंचा सकते हैं।
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- फाइबर युक्त फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें।
- शरीर का वजन संतुलित रखें।
- नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियां बढ़ाएं।
- अत्यधिक चीनी और प्रोसेस्ड फूड से बचें।
- समय-समय पर यूरिक एसिड की जांच करवाते रहें।
निष्कर्ष
हाई यूरिक एसिड एक ऐसी समस्या है जिसे सही समय पर पहचाना और नियंत्रित किया जा सकता है। यदि खान-पान में सुधार, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और ट्रिगर फूड्स से दूरी बनाई जाए तो गाउट तथा जोड़ों की दर्दनाक समस्याओं के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित जीवनशैली ही यूरिक एसिड नियंत्रण का सबसे प्रभावी और टिकाऊ उपाय है। यदि आपके यूरिक एसिड का स्तर लगातार बढ़ा हुआ है, तो चिकित्सक या डाइटिशियन से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें।
