लिवर सिरोसिस: सिर्फ शराब नहीं, हेपेटाइटिस C भी बन सकता है बड़ा खतरा

Swadeshi Health
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भारतीय फिल्म उद्योग के जाने-माने निर्माता और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 4 जून 2026 को निधन हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे पिछले कुछ महीनों से लिवर सिरोसिस से जूझ रहे थे। इस घटना ने एक बार फिर इस गंभीर बीमारी और इसके कारणों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अधिकांश लोग लिवर सिरोसिस को केवल शराब के अत्यधिक सेवन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। इनमें हेपेटाइटिस B और हेपेटाइटिस C संक्रमण, फैटी लिवर रोग, मोटापा, मधुमेह तथा कुछ आनुवंशिक बीमारियां भी शामिल हैं। विशेष रूप से हेपेटाइटिस C वायरस लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।


क्या है हेपेटाइटिस C?

हेपेटाइटिस C एक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से संक्रमित रक्त के संपर्क से फैलता है। यह वायरस सीधे लिवर पर हमला करता है और धीरे-धीरे उसमें सूजन तथा क्षति पैदा करता है। समस्या यह है कि शुरुआती वर्षों में अधिकांश संक्रमित व्यक्तियों को कोई खास लक्षण महसूस नहीं होते। इसी वजह से कई लोगों को तब पता चलता है जब लिवर में काफी नुकसान हो चुका होता है। यदि संक्रमण का समय पर उपचार न किया जाए तो यह क्रॉनिक लिवर डिजीज, सिरोसिस और यहां तक कि लिवर कैंसर का कारण भी बन सकता है।

क्या टूथब्रश से भी फैल सकता है संक्रमण?

हेपेटाइटिस C सामान्य संपर्क, साथ बैठने, हाथ मिलाने या भोजन साझा करने से नहीं फैलता। हालांकि ऐसी वस्तुएं जिन पर संक्रमित रक्त के सूक्ष्म अंश मौजूद हों, संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकती हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी संक्रमित व्यक्ति के मसूड़ों से खून निकलता हो और उसका टूथब्रश किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा उपयोग किया जाए, तो सैद्धांतिक रूप से संक्रमण का खतरा उत्पन्न हो सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर टूथब्रश, रेजर, नेल कटर और अन्य व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी वस्तुएं साझा न करने की सलाह देते हैं।

संक्रमण फैलने के प्रमुख तरीके

विशेषज्ञों के अनुसार हेपेटाइटिस C संक्रमण मुख्य रूप से निम्न परिस्थितियों में फैल सकता है:

  • संक्रमित रक्त के संपर्क में आना
  • असुरक्षित इंजेक्शन या इस्तेमाल की गई सुई का उपयोग
  • ठीक से स्टरलाइज न किए गए टैटू या पियर्सिंग उपकरण
  • अतीत में असुरक्षित रक्त आधान (ब्लड ट्रांसफ्यूजन)
  • कुछ मामलों में संक्रमित मां से बच्चे में संक्रमण

शराब कैसे पहुंचाती है लिवर को नुकसान?

लंबे समय तक अत्यधिक शराब का सेवन लिवर की कोशिकाओं को धीरे-धीरे नष्ट करता है। यह प्रक्रिया आमतौर पर तीन चरणों में आगे बढ़ती है।

1. फैटी लिवर

सबसे पहले लिवर में वसा जमा होने लगती है। इस अवस्था में अक्सर कोई गंभीर लक्षण दिखाई नहीं देते।

2. अल्कोहोलिक हेपेटाइटिस

लगातार शराब सेवन के कारण लिवर में सूजन पैदा होती है। इस दौरान स्वस्थ कोशिकाओं की तुलना में क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ने लगती है।

3. सिरोसिस

अंतिम चरण में लिवर की सामान्य कोशिकाओं की जगह फाइब्रस ऊतक (Scar Tissue) बन जाता है। इससे लिवर की कार्यक्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होती है और जीवन के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

सिरोसिस के शुरुआती संकेत

लिवर सिरोसिस की शुरुआत में लक्षण हल्के हो सकते हैं, जैसे:

  • लगातार थकान
  • भूख में कमी
  • वजन घटना
  • मतली या उल्टी
  • त्वचा और आंखों का पीला पड़ना (पीलिया)
  • पेट या पैरों में सूजन
  • त्वचा में खुजली

इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बचाव के आसान उपाय

लिवर को स्वस्थ रखने और संक्रमण से बचने के लिए कुछ सावधानियां बेहद महत्वपूर्ण हैं:

  • टूथब्रश, रेजर और नेल कटर जैसी व्यक्तिगत वस्तुएं साझा न करें।
  • टैटू या पियर्सिंग केवल प्रमाणित और स्वच्छ केंद्रों पर करवाएं।
  • इंजेक्शन हमेशा नई और स्टरलाइज्ड सुई से लगवाएं।
  • शराब का सेवन सीमित रखें या उससे बचें।
  • नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, विशेषकर यदि जोखिम कारक मौजूद हों।

क्या हेपेटाइटिस C का इलाज संभव है?

अच्छी खबर यह है कि आधुनिक एंटीवायरल दवाओं की मदद से अधिकांश मामलों में हेपेटाइटिस C का सफल उपचार संभव है। समय पर जांच और निदान होने पर वायरस को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है और लिवर को होने वाले गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है।

निष्कर्ष

लिवर सिरोसिस केवल शराब पीने वालों तक सीमित बीमारी नहीं है। हेपेटाइटिस C सहित कई अन्य कारण भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। अच्छी स्वच्छता, जागरूकता, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, इसलिए इसकी सुरक्षा के प्रति लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी भी बीमारी के निदान या उपचार के लिए योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

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