Resistance Training vs Aerobic Exercise: 30 साल की हार्वर्ड स्टडी में खुलासा, कौन-सी एक्सरसाइज घटाती है समय से पहले मौत का खतरा?

Swadeshi Health
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहना केवल अच्छी दिखने की जरूरत नहीं, बल्कि लंबी और स्वस्थ जिंदगी जीने का महत्वपूर्ण आधार बन गया है। बढ़ती उम्र के साथ डायबिटीज, हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि बेहतर स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए कौन-सी एक्सरसाइज सबसे ज्यादा फायदेमंद है—रेजिस्टेंस ट्रेनिंग (Strength Training) या एरोबिक एक्सरसाइज? 


इस सवाल का जवाब खोजने के लिए हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने तीन दशकों से अधिक समय तक एक बड़ा अध्ययन किया। इस शोध के नतीजों ने फिटनेस और स्वास्थ्य जगत में नई चर्चा शुरू कर दी है।

क्या कहती है नई स्टडी?

ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित इस अध्ययन में 1,47,374 वयस्कों के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने लगभग 30 वर्षों तक प्रतिभागियों की जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों और मृत्यु के कारणों का अध्ययन किया। अध्ययन में 31,540 पुरुष और 1,15,834 महिलाएं शामिल थीं। इस दौरान 35,798 प्रतिभागियों की मृत्यु दर्ज की गई, जिससे वैज्ञानिकों को यह समझने का अवसर मिला कि विभिन्न प्रकार की शारीरिक गतिविधियां दीर्घकालिक स्वास्थ्य को किस प्रकार प्रभावित करती हैं।

रेजिस्टेंस ट्रेनिंग क्या होती है?

रेजिस्टेंस ट्रेनिंग को सामान्य भाषा में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या शक्ति बढ़ाने वाली एक्सरसाइज कहा जाता है। इसमें मांसपेशियों के खिलाफ किसी प्रकार का प्रतिरोध (Resistance) पैदा किया जाता है।

इसके उदाहरण हैं:

  • वेट लिफ्टिंग
  • डम्बल एक्सरसाइज
  • पुश-अप्स
  • स्क्वैट्स
  • रेजिस्टेंस बैंड वर्कआउट
  • बॉडीवेट ट्रेनिंग

इस प्रकार की एक्सरसाइज मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाने में मदद करती है।

एरोबिक एक्सरसाइज क्या होती है?

एरोबिक या कार्डियो एक्सरसाइज ऐसी गतिविधियां हैं जिनमें हृदय और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है।

इसके प्रमुख उदाहरण हैं:

  • तेज चलना
  • दौड़ना
  • साइकिल चलाना
  • तैराकी
  • डांसिंग
  • जॉगिंग

ये गतिविधियां शरीर की सहनशक्ति बढ़ाती हैं और कैलोरी बर्न करने में मदद करती हैं।

किस एक्सरसाइज ने दिखाया बेहतर परिणाम?

हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग नियमित रूप से रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करते थे, उनमें सभी कारणों से होने वाली मृत्यु का जोखिम उन लोगों की तुलना में कम था जो केवल नॉन-रेजिस्टेंस या एरोबिक गतिविधियों पर निर्भर थे।

अध्ययन के अनुसार:

  • सभी कारणों से होने वाली मृत्यु का जोखिम 13% कम पाया गया।
  • हृदय रोगों से मृत्यु का जोखिम 19% कम रहा।
  • न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से मृत्यु का जोखिम 27% कम देखा गया।

हालांकि कैंसर से होने वाली मृत्यु के जोखिम में भी कुछ कमी देखी गई, लेकिन यह अन्य बीमारियों की तुलना में अपेक्षाकृत कम थी।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग इतनी प्रभावी क्यों है?

विशेषज्ञों के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। इस स्थिति को सारकोपेनिया कहा जाता है। मांसपेशियों की कमी से कमजोरी, गिरने का खतरा, इंसुलिन रेजिस्टेंस और कई क्रोनिक बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।

रेजिस्टेंस ट्रेनिंग:

  • मांसपेशियों को मजबूत बनाती है।
  • इंसुलिन संवेदनशीलता सुधारती है।
  • ब्लड शुगर नियंत्रण में मदद करती है।
  • हड्डियों की मजबूती बढ़ाती है।
  • शरीर की कार्यक्षमता और संतुलन बेहतर बनाती है।
  • उम्र बढ़ने के प्रभाव को धीमा कर सकती है।

इसी वजह से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को आज स्वस्थ उम्र बढ़ने (Healthy Aging) का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

कितनी देर करनी चाहिए रेजिस्टेंस ट्रेनिंग?

  • अध्ययन का एक दिलचस्प निष्कर्ष यह भी था कि ज्यादा एक्सरसाइज हमेशा ज्यादा फायदा नहीं देती।
  • शोधकर्ताओं ने पाया कि सप्ताह में लगभग 90 से 119 मिनट की रेजिस्टेंस ट्रेनिंग सबसे अधिक लाभदायक साबित हुई।
  • यानी यदि कोई व्यक्ति सप्ताह में 3 से 4 दिन, प्रतिदिन 25 से 35 मिनट स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करता है तो उसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।
  • इसके विपरीत, सप्ताह में 2 घंटे से अधिक रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करने पर अतिरिक्त लाभ बहुत सीमित पाए गए।

क्या अब एरोबिक एक्सरसाइज छोड़ देनी चाहिए?

बिल्कुल नहीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह अध्ययन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के महत्व को दर्शाता है, लेकिन एरोबिक गतिविधियों की उपयोगिता को कम नहीं करता।

एरोबिक एक्सरसाइज:

  • हृदय स्वास्थ्य सुधारती है।
  • रक्तचाप नियंत्रित रखने में मदद करती है।
  • फेफड़ों की क्षमता बढ़ाती है।
  • मानसिक तनाव कम करती है।
  • वजन नियंत्रण में सहायक होती है।

इसीलिए शोधकर्ताओं ने सबसे बेहतर परिणामों के लिए दोनों प्रकार की एक्सरसाइज को मिलाकर करने की सलाह दी है।

निष्कर्ष

हार्वर्ड की 30 वर्षीय स्टडी यह संकेत देती है कि केवल वजन घटाने या फिट दिखने के लिए ही नहीं, बल्कि समय से पहले मृत्यु के जोखिम को कम करने के लिए भी रेजिस्टेंस ट्रेनिंग बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। सप्ताह में लगभग 90 से 120 मिनट की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मांसपेशियों, हृदय, मेटाबॉलिज्म और मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण लाभ प्रदान कर सकती है। हालांकि आदर्श फिटनेस रणनीति केवल एक प्रकार की एक्सरसाइज पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और एरोबिक गतिविधियों का संतुलित संयोजन लंबी, सक्रिय और स्वस्थ जिंदगी की सबसे प्रभावी कुंजी है।

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