बीते कुछ वर्षों में भारत सहित पूरी दुनिया में कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में चिंताजनक इजाफा देखने को मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह लोगों में इस बीमारी को लेकर जागरूकता की कमी है। जानकारी के अभाव में कई लोगों को समय रहते यह पता ही नहीं चल पाता कि वे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। जबकि यदि इसके शुरुआती लक्षणों की सही जानकारी हो, तो समय पर जांच और उपचार के जरिए इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।
क्या होता है नेक कैंसर?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नेक कैंसर आखिर होता क्या है। डॉक्टर तरंग कृष्णा के अनुसार, नेक कैंसर कोई एक बीमारी नहीं बल्कि कैंसर का एक समूह है, जो सिर और गर्दन के अलग-अलग हिस्सों में विकसित होता है। इसमें गला, वोकल कॉर्ड्स, मुंह, जीभ, थायरॉइड ग्रंथि, लार ग्रंथियां, नेजल कैविटी और साइनस से जुड़े कैंसर शामिल होते हैं।
भारत में तंबाकू का सेवन इसके प्रमुख कारणों में गिना जाता है। हालांकि अब इसके जोखिम केवल तंबाकू तक सीमित नहीं हैं। शराब का बढ़ता सेवन, वायु प्रदूषण, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली और HPV जैसे संक्रमण भी नेक कैंसर के बड़े जोखिम कारक बन चुके हैं। इसके अलावा खानपान में प्रोसेस्ड और जंक फूड्स की बढ़ती मात्रा भी इस बीमारी के खतरे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।
नेक कैंसर कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि कैंसर का एक समूह है, जो सिर और गर्दन के अलग-अलग हिस्सों में विकसित होता है। इसमें शामिल हैं:
- गले का कैंसर
- वोकल कॉर्ड्स का कैंसर
- मुंह और जीभ का कैंसर
- थायरॉइड ग्लैंड कैंसर
- लार ग्रंथियों का कैंसर
- नाक और साइनस का कैंसर
भारत में तंबाकू और गुटखा का सेवन इसके सबसे बड़े कारणों में माना जाता है। इसके अलावा शराब, वायु प्रदूषण, कमजोर इम्यूनिटी, HPV संक्रमण और खराब खानपान भी जोखिम बढ़ाते हैं।
सिर्फ गले का दर्द नहीं, ये लक्षण भी हो सकते हैं संकेत
जैसा कि आपने पढ़ा, नेक कैंसर के बढ़ते मामलों की एक बड़ी वजह इसके लक्षणों के प्रति लोगों में जागरूकता की कमी भी है। जबकि यदि शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो इस बीमारी का इलाज काफी हद तक संभव हो सकता है। दरअसल, गर्दन के कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर बेहद सामान्य या हल्के दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग आम संक्रमण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लगातार गले में खराश या दर्द, गर्दन में गांठ या सूजन, आवाज में बदलाव या भारीपन, निगलने में परेशानी या दर्द, और मुंह में लंबे समय तक न भरने वाले घाव इसके प्रमुख संकेत हो सकते हैं।
इसके अलावा जीभ या मुंह के अंदर लाल या सफेद धब्बे दिखाई देना, बिना किसी वजह के खून आना, लगातार बदबूदार सांस रहना, कान में लगातार दर्द महसूस होना, अचानक वजन कम होना या अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों को भी गंभीरता से लेना चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार, यदि इनमें से कोई भी लक्षण 2 से 3 हफ्तों से ज्यादा समय तक बना रहे, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि इस दौरान बीमारी शरीर में धीरे-धीरे बढ़ती रहती है।
डॉक्टरों के मुताबिक, गर्दन के कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य संक्रमण जैसे लगते हैं। लेकिन यदि ये 2–3 सप्ताह से ज्यादा बने रहें, तो तुरंत जांच करवानी चाहिए।
मुख्य लक्षण:
- लगातार गले में खराश या दर्द
- गर्दन में गांठ या सूजन
- आवाज भारी होना या बदलाव आना
- निगलने में दर्द या कठिनाई
- मुंह में लंबे समय तक न भरने वाले घाव
इसके अलावा कुछ अन्य संकेत भी नजरअंदाज नहीं करने चाहिए:
- जीभ या मुंह में लाल या सफेद धब्बे
- बिना कारण खून आना
- लगातार बदबूदार सांस
- कान में लगातार दर्द
- अचानक वजन कम होना
- अत्यधिक थकान महसूस होना
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और इलाज से इस बीमारी को शुरुआती चरण में नियंत्रित किया जा सकता है।
कैसे करें बचाव?
पहले गर्दन के कैंसर के मामले ज्यादातर बुजुर्गों में देखने को मिलते थे, लेकिन अब युवा वर्ग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है। बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते जोखिम कारकों के कारण यह समस्या कम उम्र के लोगों में भी आम होती जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते कुछ जरूरी सावधानियां अपनाई जाएं और स्वस्थ आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए। नेक कैंसर से बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय प्रभावी माने जाते हैं- ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है:
- तंबाकू और गुटखा से पूरी तरह दूरी बनाएं
- शराब का सेवन सीमित करें
- भोजन में फल और हरी सब्जियां शामिल करें
- नियमित व्यायाम करें
- पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें
- ओरल हाइजीन का ध्यान रखें
- HPV वैक्सीनेशन पर विचार करें
- नियमित हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग करवाएं
ध्यान रखें, तंबाकू सिर्फ नेक कैंसर ही नहीं बल्कि Lung Cancer समेत कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
