Ebola उपचार एवं प्रबंधन मार्गदर्शिका (Ebola Treatment and Management Guide)

Swadeshi Health
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 Ebola एक खतरनाक वायरस जनित बीमारी है, जो शरीर में तेज सूजन और ऊतकों को नुकसान पहुँचाती है। इसे हेमरेजिक फीवर कहा जाता है क्योंकि यह खून जमने की प्रक्रिया को बिगाड़कर अंदरूनी रक्तस्राव करा सकती है। Ebola एक गंभीर वायरल हेमरेजिक फीवर (viral hemorrhagic fever) है, जो प्रणालीगत सूजन (systemic inflammation) एवं बहु-अंग ऊतक क्षति (multiorgan tissue damage) उत्पन्न करता है। यह रोग रक्त जमाव तंत्र (coagulation mechanism) में विकृति उत्पन्न कर सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं से रक्तस्राव (microvascular bleeding) तथा आंतरिक हेमरेज का कारण बन सकता है।

अब तक इबोला वायरस की छह प्रजातियों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से चार मानव रोगजनन (human pathogenicity) से संबंधित हैं।

यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों जैसे खून, लार, पसीना, आँसू, उल्टी, मल, पेशाब, स्तन दूध और वीर्य के सीधे संपर्क से फैलती है। संक्रमित द्रवों से गंदी हुई वस्तुओं को छूने से भी संक्रमण हो सकता है। संक्रमण मुख्यतः संक्रमित व्यक्तियों के जैविक द्रवों, रक्त, लार, स्वेद, अश्रु, म्यूकस, वमन, मल, स्तन दुग्ध, मूत्र एवं वीर्य के प्रत्यक्ष संपर्क द्वारा फैलता है। इसके अतिरिक्त, संक्रमित द्रवों से संदूषित सतहों एवं वस्तुओं के संपर्क से भी संक्रमण संभव है।


Ebola : नैदानिक लक्षण (Clinical Manifestations/Symptoms)

इबोला संक्रमण की ऊष्मायन अवधि (incubation period) सामान्यतः 2 से 21 दिनों के मध्य होती है, जबकि अधिकांश रोगियों में लक्षण 8–10 दिनों के भीतर प्रकट होते हैं। प्रारंभिक नैदानिक लक्षण इन्फ्लुएंजा-सदृश (influenza-like) होते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • उच्च ज्वर
  • कंपकंपी
  • सामान्यीकृत दुर्बलता
  • तीव्र सेफाल्जिया (severe headache)
  • मायाल्जिया (muscle aches)

रोग की प्रगति के साथ निम्न लक्षण विकसित हो सकते हैं:

  • मानसिक भ्रम (altered mental status/confusion)
  • वक्षीय पीड़ा
  • श्वसन कष्ट (dyspnea)
  • मतली एवं वमन
  • अतिसार
  • उदर पीड़ा
  • ओलिग्यूरिया अथवा एनीयूरिया
  • असामान्य रक्तस्राव एवं एकाइमोसिस (bruising)
  • एरिथेमेटस रैश, जो सामान्यतः बिना खुजली एवं पीड़ा के होता है
  • नेत्र, नासिका, मुख एवं मलाशय से रक्तस्राव

उन्नत अवस्था में रोग बहु-अंग विफलता (multiorgan failure), मस्तिष्कीय सूजन, आक्षेप (seizures), परिसंचरणीय शॉक तथा मृत्यु का कारण बन सकता है।

Ebola का निदान : Ebola : Laboratory Parameters एवं Severity Assessment

इबोला संक्रमण का निदान चिकित्सीय इतिहास, संभावित संपर्क एवं प्रयोगशाला परीक्षणों के आधार पर किया जाता है। रोग की गंभीरता जानने के लिए विभिन्न पैथोलॉजिकल जांचों में सुरक्षित स्तर (Safe Level) एवं गंभीर स्तर (Critical Level) का मूल्यांकन किया जाता है।

जांचसामान्य / Safe Levelगंभीर / Critical Level
CBC टेस्टप्लेटलेट्स सामान्यप्लेटलेट्स बहुत कम
WBC टेस्ट4,000–11,000बहुत ज्यादा या बहुत कम
LFT टेस्टलिवर सामान्यलिवर एंजाइम बहुत बढ़े हुए
KFT टेस्टकिडनी सामान्यक्रिएटिनिन बहुत बढ़ा
RT-PCRनेगेटिवपॉजिटिव
ELISAनेगेटिवपॉजिटिव
यूरिन टेस्टपेशाब सामान्यपेशाब कम या बंद
ब्लड क्लॉटिंग टेस्टखून सामान्य जमता हैखून जमने में समस्या
ऑक्सीजन लेवल95% से ऊपर90% से कम

 इबोला संक्रमण में प्रयोगशाला जांचों का उपयोग रोग की पुष्टि एवं रोग की गंभीरता के मूल्यांकन हेतु किया जाता है। निम्नलिखित परीक्षणों में सुरक्षित एवं क्रिटिकल स्तर महत्वपूर्ण माने जाते हैं:

Laboratory TestReference / Safe LevelCritical Level
Platelet Count150–450 ×10³/µL<50 ×10³/µL
WBC Count4–11 ×10³/µLSevere Leukopenia/Leukocytosis
AST/ALTNormal Reference RangeMarkedly Elevated
Serum Creatinine0.6–1.2 mg/dL>2 mg/dL
RT-PCR AssayNegativePositive Ebola RNA
ELISA SerologyNon-reactiveReactive
Coagulation Profile (PT/INR)INR 0.8–1.1INR >1.5
Urine OutputNormalOliguria/Anuria
SpO₂ Level95–100%<90%

इबोला संक्रमण का निदान महामारी विज्ञान संबंधी इतिहास एवं प्रयोगशाला परीक्षणों के संयोजन से किया जाता है। विभेदक निदान एवं रोग पुष्टि हेतु निम्न पैथोलॉजिकल परीक्षण प्रयुक्त होते हैं:

  • Complete Blood Count (CBC):
    ल्यूकोसाइट, प्लेटलेट एवं हेमेटोलॉजिकल परिवर्तनों का मूल्यांकन।
  • Liver Function Test (LFT):
    हेपेटिक एंजाइम एवं यकृत कार्यक्षमता का परीक्षण।
  • Renal Function Test (RFT/KFT):
    वृक्क कार्य का मूल्यांकन।
  • RT-PCR Assay:
    इबोला वायरल RNA की पुष्टि हेतु स्वर्ण मानक (gold standard) परीक्षण।
  • ELISA Test:
    वायरल एंटीजन एवं एंटीबॉडी की पहचान।
  • Serological Testing:
    प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का विश्लेषण।
  • Oral Swab Analysis:
    मौखिक स्राव में वायरल उपस्थिति की जांच।
  • Urinalysis:
    मूत्र में संक्रमण एवं जैव रासायनिक असामान्यताओं का मूल्यांकन।
  • Stool Culture & Microscopy:
    जठरांत्र संक्रमणकारी एजेंटों की पहचान।
  • Sputum Culture:
    श्वसन पथ संक्रमणकारी सूक्ष्मजीवों की पहचान।

Ebola कैसे फैलता है?

यह माना जाता है कि इबोला वायरस सामान्य परिस्थितियों में वायु (air) के माध्यम से नहीं फैलता। हालांकि, कुछ चिकित्सीय प्रक्रियाओं के दौरान — जैसे श्वास नली (breathing tube) डालना या निकालना अथवा ब्रोंकोस्कोपी (bronchoscopy) करना — श्वसन बूंदें (respiratory droplets) वायु में फैल सकती हैं, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति तभी संक्रामक (infectious) माना जाता है जब उसमें लक्षण प्रकट होने लगते हैं। रोग की प्रारंभिक अवस्था में संक्रमण फैलने का जोखिम सामान्यतः कम होता है, जबकि रोग के उन्नत चरणों में यह जोखिम काफी अधिक हो जाता है।

Ebola का जोखिम किन लोगों को अधिक होता है?

यदि आप ऐसे क्षेत्र में गए हैं जहाँ इबोला संक्रमित लोग मौजूद थे, अथवा ऐसे जानवरों के संपर्क में आए हैं जो इस वायरस को वहन करते हैं, तो आपको संक्रमण का जोखिम हो सकता है, विशेषकर यदि आप:

  • ऐसे स्थान पर रहे हों जहाँ इबोला रोगियों का उपचार किया जा रहा था तथा उनका प्रत्यक्ष संपर्क हुआ हो।
  • इबोला संक्रमित व्यक्ति के रक्त या शारीरिक द्रवों — जैसे लार, पसीना, आँसू, म्यूकस, वमन, मल, स्तन दुग्ध, मूत्र अथवा वीर्य — के संपर्क में आए हों।
  • संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग की गई चादर, तौलिया, कपड़े, व्यक्तिगत वस्तुएँ या अन्य दूषित वस्तुओं को छुआ हो।

Ebola : रोकथाम एवं टीकाकरण (Prevention and Vaccination)

इबोला संक्रमण की उच्च मृत्यु-दर को देखते हुए संक्रमण-निरोध (infection prevention) अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्थानिक (endemic) अथवा प्रकोप-प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा के दौरान CDC दिशानिर्देशों एवं महामारी संबंधी अपडेट्स का पालन आवश्यक माना जाता है।

Ebola Vaccine : वैक्सीन

दिसंबर 2019 में FDA द्वारा एक सिंगल-डोज इबोला वैक्सीन को अनुमोदित किया गया। यह वैक्सीन विशेष रूप से उस Ebola Zaire strain के विरुद्ध प्रभावी पाई गई जिसने अब तक के सबसे गंभीर प्रकोप उत्पन्न किए। हालाँकि, उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार यह वैक्सीन Sudan ebolavirus strain के विरुद्ध सीमित या अपर्याप्त प्रभावशीलता प्रदर्शित कर सकती है, जैसा कि Uganda 2022 outbreak में देखा गया।

CDC अनुशंसाओं के अनुसार, 18 वर्ष से अधिक आयु के उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों में टीकाकरण की सलाह दी जाती है, जिनमें शामिल हैं:

  • वायरल रिसर्च प्रयोगशाला कर्मी
  • हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स
  • फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स
  • बायोकंटेनमेंट एवं इबोला-रेडी उपचार केंद्रों के कर्मचारी
  • इबोला रोगियों की प्रत्यक्ष देखभाल करने वाले स्वास्थ्यकर्मी

Ebola प्रकोप के दौरान अन्य सुरक्षा सावधानियाँ

यदि आप ऐसे देशों की यात्रा कर रहे हैं जहाँ इबोला संक्रमण फैला हुआ है, अथवा आपको संदेह है कि आप किसी संदिग्ध या पुष्टि किए गए इबोला संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं, तो स्वयं की सुरक्षा हेतु Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के दिशा-निर्देशों का पालन करें। इसके अतिरिक्त:

  • यदि आप ऐसे क्षेत्र में हैं जहाँ इबोला संक्रमण फैल रहा है, तो सभी स्वास्थ्य निर्देशों का पालन करें।
  • साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएँ या अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का नियमित उपयोग करें।
  • बिना हाथ धोए आँख, नाक या मुंह को न छुएँ।
  • शरीर पर मौजूद कट, खरोंच या अन्य घावों को ढककर रखें।
  • इबोला संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक द्रवों के संपर्क से बचें।
  • संक्रमित व्यक्ति की चादर, कपड़े, तौलिया, चिकित्सा सामग्री या व्यक्तिगत वस्तुओं को न छुएँ।

Ebola वायरस के संपर्क में आने पर क्या करें?

यदि आप इबोला वायरस के संपर्क में आए हैं, तो निम्न सावधानियाँ अपनाएँ:

  • अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता (health care provider) से तुरंत संपर्क करें, ताकि स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ आवश्यक कार्यवाही निर्धारित की जा सके।
  • 21 दिनों तक इबोला के प्रारंभिक लक्षणों पर निगरानी रखें।
  • प्रतिदिन सुबह और शाम शरीर का तापमान मापें, ताकि ज्वर की पहचान की जा सके।

यदि आपको बुखार या इबोला के अन्य लक्षण दिखाई दें:

  • घबराएँ नहीं। ध्यान रखें कि अन्य बीमारियों में भी समान लक्षण हो सकते हैं।
  • निकटतम अस्पताल के आपातकालीन विभाग से संपर्क करें तथा उन्हें बताएं कि आप इबोला के संपर्क में आए हैं और लक्षण अनुभव कर रहे हैं। अस्पताल जाने से पहले सूचना देना आवश्यक है।
  • यह ध्यान रखें कि अस्पताल कर्मचारी मास्क, गाउन, दस्ताने एवं नेत्र सुरक्षा उपकरण जैसे व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) पहन सकते हैं। इसका उद्देश्य संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकना है।
  • अस्पताल कर्मचारियों द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करें।

Ebola : उपचार एवं प्रबंधन (Treatment and Management)

इबोला संक्रमण का उपचार मुख्यतः एंटीवायरल थेरेपी एवं व्यापक supportive critical care पर आधारित है। Ebola Zaire strain हेतु FDA द्वारा अनुमोदित monoclonal antibody therapies उपलब्ध हैं।

सपोर्टिव प्रबंधन के प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं:

  • Intravenous Fluid Therapy (IV Fluids):
    निर्जलीकरण एवं इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की रोकथाम हेतु।
  • Supplemental Oxygen / Mechanical Ventilation:
    पर्याप्त ऊतक ऑक्सीजन आपूर्ति बनाए रखने हेतु।
  • Renal Replacement Therapy (Dialysis):
    तीव्र वृक्क विफलता एवं अपशिष्ट निष्कासन हेतु।
  • Vasopressor Therapy:
    हाइपोटेंशन एवं शॉक प्रबंधन हेतु।
  • Coagulation Support Medications:
    रक्तस्राव एवं clotting dysfunction नियंत्रण हेतु।

रोग की प्रगति की निगरानी के लिए CBC, LFT, RFT, coagulation profile, urine analysis एवं viral load assessment जैसे परीक्षण नियमित रूप से किए जाते हैं।

प्रायोगिक उपचारों में शामिल हैं:

  • Convalescent Plasma/Serum Therapy
  • Investigational Monoclonal Antibodies
  • Emerging Antiviral Agents

यदि प्रभावी उपचार उपलब्ध न हो, तो इबोला संक्रमण लक्षण प्रारंभ होने के औसतन 10 दिनों के भीतर घातक सिद्ध हो सकता है।

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