हेल्थ अलर्ट: बार-बार होता है पेट दर्द? ऑयली फूड खाने के बाद बढ़ती हो तकलीफ, तो हो सकता है गॉलब्लैडर स्टोन (Gallbladder Stone)

Swadeshi Health
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पेट में दर्द होना एक बेहद आम समस्या है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग इसे गैस, बदहजमी या अपच मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या जानते हैं कि बार-बार होने वाला यह दर्द किसी बड़ी बीमारी का शुरुआती अलार्म हो सकता है? जी हां, चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार होने वाला पेटदर्द  Gallbladder Stone का दर्द हो सकता है। गॉलब्लैडर (पित्ताशय) की पथरी का दर्द अचानक और बहुत तेज होता है।यह पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में, सीने की हड्डी के ठीक नीचे या पीठ और दाहिने कंधे तक महसूस हो सकता है। यह अक्सर भारी या तैलीय खाना खाने के बाद रात में होता है।

गॉलब्लैडर स्टोन और पेट दर्द का क्या है कनेक्शन?

हमारे शरीर में लिवर के ठीक नीचे एक छोटा सा अंग होता है जिसे पित्ताशय (Gallbladder) कहते हैं। इसका मुख्य काम भोजन से मिलने वाले फैट (वसा) को पचाने में मदद करना है। जब शरीर में अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल या बाइल (पित्त) बनने लगता है, या फिर गॉलब्लैडर सही तरीके से खाली नहीं हो पाता, तो वहां धीरे-धीरे पथरी (Stones) विकसित होने लगती है। ये स्टोन पित्ताशय की नलिकाओं को ब्लॉक कर देते हैं, जिससे पित्त के बहाव में रुकावट आती है और व्यक्ति को गंभीर दर्द महसूस होता है।

एक्सपर्ट ओपिनियन

"हर तरह का पेट दर्द गॉलस्टोन नहीं होता, लेकिन अगर दर्द लगातार बना रहे और आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करे, तो डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।"

-डॉ. निशिकांत कुरियन (कंसल्टेंट जनरल, लैप एंड जी.आई सर्जरी, पीएसआरआई हॉस्पिटल, दिल्ली)

दर्द का पैटर्न: कब और कहां होता है दर्द?

गॉलब्लैडर की पथरी का दर्द हर समय एक जैसा नहीं रहता। इसे पहचानने के लिए इसके पैटर्न को समझना जरूरी है:

  • स्थान: यह दर्द आमतौर पर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से (Upper Right Abdomen) या पेट के बीचों-बीच महसूस होता है।
  • ट्रिगर: ज्यादा ऑयली, फ्राइड या हैवी खाना खाने के बाद यह दर्द अचानक तेज हो जाता है।
  • समय: कुछ लोगों को यह दर्द रुक-रुक कर होता है, जबकि कुछ मामलों में यह कई घंटों तक लगातार बना रह सकता है।

गॉलब्लैडर स्टोन (पित्त की पथरी) के 10 प्रमुख लक्षण

गॉलस्टोन होने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है। अगर आपको अक्सर पाचन की समस्या रहती है, तो इन 10 लक्षणों पर विशेष ध्यान दें:

  • पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में अचानक और बहुत तेज दर्द होना।
  • पेट के केंद्र में (छाती के ठीक नीचे यानी ब्रेस्टबोन के पास) असहनीय दर्द उठना।
  • पीठ में दर्द होना, जो विशेष रूप से दोनों कंधों के बीच के हिस्से में महसूस होता है।
  • दाहिने कंधे (Right Shoulder) में तेज या चुभन भरा दर्द होना।
  • ज्यादा ऑयली, फैटी या भारी भोजन करने के ठीक बाद पेट दर्द का अचानक बढ़ जाना।
  • लगातार जी मिचलाना (Nausea) या मन खराब होना।
  • भोजन के बाद बार-बार उल्टी (Vomiting) होना या उल्टी जैसा महसूस होना।
  • पेट में लगातार गैस, एसिडिटी, खट्टी डकारें और अपच की समस्या बने रहना।
  • पेट फूलना (Bloating) और पेट में हमेशा भारीपन महसूस होना।
  • गंभीर मामलों में त्वचा और आंखों का रंग पीला पड़ना (पीलिया) या तेज बुखार के साथ कंपकंपी छूटना (जो गॉलब्लैडर में इन्फेक्शन का संकेत है)।

गॉलब्लैडर स्टोन का पता लगाने के लिए जरूरी जांच (Diagnostic Tests)

यदि आपको ऊपर बताए गए लक्षण बार-बार महसूस हो रहे हैं, तो बीमारी की सही स्थिति जानने और सटीक इलाज के लिए डॉक्टर निम्नलिखित चेकअप करवाने की सलाह देते हैं:

  • एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड (Abdominal Ultrasound)

  • यह पित्त की पथरी का पता लगाने का सबसे आम, आसान और सबसे सटीक टेस्ट है। इससे डॉक्टर को गॉलब्लैडर में मौजूद पथरी के आकार और उसकी संख्या की साफ जानकारी मिल जाती है।
  • ब्लड टेस्ट (Blood Tests)

  • खून की जांच (जैसे Liver Function Test और Complete Blood Count) से यह देखा जाता है कि कहीं पथरी के कारण पित्त नली में रुकावट तो नहीं आ गई है। इससे संक्रमण (Infection) या पीलिया (Jaundice) के स्तर का पता चलता है।
  • सीटी स्कैन (CT Scan)

  • अगर पेट का दर्द बहुत गंभीर और जटिल हो जाता है, तो पेट के अंदरूनी अंगों की बारीकी से तस्वीरें लेने के लिए सीटी स्कैन किया जाता है।
  • MRCP (एमआरसीपी)

  • यह एक विशेष प्रकार का एमआरआई (MRI) टेस्ट है। इसका इस्तेमाल यह देखने के लिए किया जाता है कि कहीं कोई पथरी गॉलब्लैडर से निकलकर मुख्य पित्त नली (Common Bile Duct) में तो नहीं फंस गई है।
  • एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS)

  • जब पथरी का आकार बेहद छोटा होता है और वह सामान्य अल्ट्रासाउंड में दिखाई नहीं देती, तब डॉक्टर इस एडवांस टेस्ट की मदद लेते हैं।

कब बढ़ जाता है जटिलताओं का खतरा?

अगर समय रहते गॉलस्टोन का इलाज न कराया जाए, तो यह केवल दर्द तक सीमित नहीं रहता। इसके कारण पित्ताशय में गंभीर संक्रमण, पित्त नलिका में रुकावट या पैंक्रियाज (Pancreas) में सूजन जैसी खतरनाक मेडिकल स्थितियां पैदा हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत इमरजेंसी इलाज की जरूरत होती है।

गॉलब्लैडर स्टोन से बचाव के उपाय

आप अपनी जीवनशैली और खानपान में सुधार करके पित्त की पथरी के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं:

श्रेणीअपनाएं ये स्वस्थ आदतें
डाइट में बदलाव

* फलों, सब्जियों और फाइबर से भरपूर भोजन को प्राथमिकता दें।


* ऑयली, प्रोसेस्ड और जंक फूड का सेवन सीमित करें।

रूटीन और लाइफस्टाइल

* शरीर के वजन को संतुलित और नियंत्रित रखें।


* रोजाना एक्सरसाइज करें और शारीरिक रूप से एक्टिव रहें।

आदतों में सुधार

* लंबे समय तक भूखे रहने (क्रैश डाइटिंग) से बचें।


* पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पीएं।

मेडिकल चेकअप* नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराएं ताकि कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रण में रहे।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में बार-बार दर्द हो, दर्द ऑयली भोजन के बाद बढ़ जाए, लगातार उल्टी, बुखार, कंपकंपी या आंखों और त्वचा में पीलापन दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और आवश्यक जांच कराएं।

निष्कर्ष

नोट: खराब जीवनशैली और अनियमित खानपान गॉलस्टोन की मुख्य वजह बन रहे हैं। अगर आपको भी बार-बार पेट दर्द की शिकायत रहती है, तो इसे घरेलू नुस्खों के भरोसे न छोड़ें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, अल्ट्रासाउंड या जरूरी टेस्ट कराएं और सही समय पर इलाज शुरू करें।

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